[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

आर्थिक रूप से इस नए बजट से लोगों को मिलेगी राहत: डॉ. मनीषपूर्णिया के धरती पर फिरदौस ने लहराया अरवल जिला का परचमभारत लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 104वीं जयंती पर जदयू परिवार ने दी श्रद्धांजलिकेंद्र सरकार के बजट सामने आने के बाद शेयर मार्केट में भारी गिरावट…समानता, सद्भावना और करुणा से समाज को एक सूत्र में बंधने वाले थे संत रविदाससंत रविदास जी हिन्दू समाज के महान स्तंभ थे: चारों धाम मिश्रानई दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं रेलवे संघर्ष समिति के लोगहड़ताल पर गए CO पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ से लेकर बंगला खाली कराने तक के संकेतरेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडर
बिहारराज्यरोहतास

संस्कार और संस्कृति के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं: – जीयर स्वामी जी महाराज 

संस्कार और संस्कृति के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं: – जीयर स्वामी जी महाराज

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ (रोहतास) चातुर्मास्य व्रत स्थल परमानपुर में भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि वैसी शिक्षा जिसमें संस्कार संस्कृति सभ्यता नहीं है। उसका कोई विशेष महत्व नहीं है।

वर्तमान समय पर प्रकाश डालते हुए स्वामी जी ने कहा कि आज शिक्षा तो प्राप्त की जा रही है। लेकिन उस शिक्षा में बच्चों और बच्चियों को संस्कार संस्कृति के बारे में ज्ञान माता-पिता के द्वारा नहीं दी जा रही है।

आज के समय में लोग अपने बच्चों को एडवांस बना रहे हैं। एक उदाहरण देते हुए स्वामी जी ने कहा की आज की पीढ़ी फटे हुए जींस शर्ट टी-शर्ट पहन रहे हैं। जिसको अब एडवांस कहा जा रहा है।

आज के एडवांस युग में मानव से ज्यादा तो एडवांस पशु है। जो कपड़ा ही नहीं पहनते हैं। यह कैसी शिक्षा है, जो हमें अपने संस्कार संस्कृति मानवीय सिद्धांत से दूर कर रही है। हर एक माता-पिता को चाहिए अपने बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार भी डालें।

मानव जीवन में उच्च शिक्षा तो होना चाहिए। लेकिन उसके साथ-साथ माता-पिता, परिवार, समाज के सामने रहन-सहन कपड़ा भोजन व्यवहार और सामाजिक ज्ञान की भी शिक्षा होनी चाहिए।

Check Also
Close