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राम के जीवन से मिलती है मर्यादा और कर्तव्य की सीख: लक्ष्मी नारायण स्वामी जी महाराज

राम के जीवन से मिलती है मर्यादा और कर्तव्य की सीख: लक्ष्मी नारायण स्वामी जी महाराज

धर्म, सत्य और त्याग पर दिया गया बल

चारोंधाम मिश्रा

दावथ (रोहतास)श्रीराम के जीवन से मनुष्य को मर्यादा, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उक्त बातें दावथ में श्री लक्ष्मी नारायण स्वामी जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कही । आगे उन्होंने ने कहा कि रामचरितमानस केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की नीति है।

प्रवचन में बताया गया कि भगवान राम ने राजकुमार होते हुए भी पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। यह त्याग और आज्ञाकारिता का सबसे बड़ा उदाहरण है। आज के समय में भी यदि व्यक्ति अपने माता-पिता, गुरु और बड़ों का सम्मान करे तो समाज में संतुलन बना रहता है।

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