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सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह सहित 8 नेताओं पर FIR, 250 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर भी गिली गाज

चंदौली जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और जिलाध्यक्ष समेत 8 नामजद और 250 अज्ञात लोगों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू समेत 8 बड़े नेता नामजद

250 अज्ञात सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज

अधिकारियों से धक्का-मुक्की और सरकारी संपत्ति को नुकसान का आरोप

भारतीय न्याय संहिता की 9 गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में खलबली

चंदौली जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ समेत आठ नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बड़ी कानूनी कार्रवाई के बाद से ही जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल बहुत तेज हो गई है।

यह पूरा विवाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान शुरू हुआ था। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वहां इकट्ठा हुए थे, जिसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे थाने तक पहुंच गया।

जानिए क्यों दर्ज हुआ मुकदमा और क्या हैं आरोप?
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को सैयदराजा के पूर्व सपा विधायक मनोज सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था। पुलिस प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जब उप जिलाधिकारी (SDM) सदर और क्षेत्राधिकारी (CO) सदर खुद धरना स्थल पर ज्ञापन लेने पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बढ़ने लगे और वहां जाकर प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने कानून व्यवस्था को हाथ में लेते हुए थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया। इसके साथ ही सरकारी काम में रुकावट डालने और कलेक्ट्रेट की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।

इन बड़े नेताओं के नाम हैं FIR में शामिल
इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर चंदौली कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 9 अलग-अलग गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे में जिन प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है, उनमें पूर्व विधायक मनोज सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश राजभर, सांसद प्रतिनिधि नवीन सिंह और चंद्रशेखर यादव शामिल हैं।

इनके अलावा पूर्व प्रत्याशी व जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह “काका”, पूर्व मुगलसराय अध्यक्ष मुसाफिर सिंह चौहान, पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष डॉ. विनोद बिन्द और जिला समाजवादी महासचिव नसीम अहमद उर्फ गुड्डू को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। इन 8 बड़े नेताओं के साथ ही 250 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर भी केस दर्ज है।

पुलिस प्रशासन का क्या है कहना?
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) सदर देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ खुद धरना स्थल पर सपा नेताओं का ज्ञापन लेने के लिए पहुंचा था। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने तय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा प्रभावित हुई।

सीओ सदर ने आगे बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा महिलाओं को आगे करके थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की की गई। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में ही इन सभी संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई करने में जुट गई है।

 

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