नेपाली किशोरी को गुजरात ले जाने की कोशिश नाकाम, एसएसबी की सतर्कता से मानव तस्करी की आशंका विफल

नेपाली किशोरी को गुजरात ले जाने की कोशिश नाकाम, एसएसबी की सतर्कता से मानव तस्करी की आशंका विफल
दैनिक लाइव न्यूज़ 24 | ब्यूरो रिपोर्ट
भारत-नेपाल सीमा। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की सीमा चौकी भगवतीपुर ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग नेपाली किशोरी को बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाने की कोशिश को विफल कर दिया। मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए एसएसबी ने किशोरी और उसके साथ मौजूद युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) को सौंप दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई की सुबह सहायक उप निरीक्षक विनोद कुमार शर्मा तीन अन्य जवानों के साथ सीमा स्तंभ संख्या 315/1 से 316/20 के बीच गश्ती ड्यूटी पर थे। सुबह करीब 11:55 बजे सीमा स्तंभ संख्या 315/2 के पास नेपाल की ओर से आ रहे एक युवक और एक किशोरी की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। गश्ती दल को देखकर दोनों घबरा गए, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई।
पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान दिनेश कुमार महतो (24 वर्ष), निवासी चंद्रनगर, जिला सर्लाही (नेपाल) तथा किशोरी ने अपना नाम नंदनी कुमारी (16 वर्ष), निवासी मनरा, जिला महोत्तरी (नेपाल) बताया। दोनों ने गुजरात जाने की बात स्वीकार की। किशोरी ने बताया कि वह अपने परिजनों को बिना बताए युवक के साथ गुजरात जाकर विवाह करना चाहती थी।
किशोरी के नाबालिग होने तथा भारत में बाल विवाह कानूनन प्रतिबंधित होने के कारण एसएसबी ने मामले को गंभीरता से लिया। तत्काल सीतामढ़ी की अदिति एनजीओ की प्रतिनिधि गुंजा कुमारी तथा नेपाल के आशीष सामाजिक सेवा संगठन की प्रतिनिधि पार्वती थारु को सूचना दी गई। पूछताछ के दौरान दोनों संस्थाओं ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाने और मानव तस्करी की आशंका जताई।
सूचना मिलने पर किशोरी के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एसएसबी ने किशोरी एवं युवक को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए नेपाल एपीएफ की 9वीं बटालियन, रघुनाथपुर के सुपुर्द कर दिया।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।




















