सिमुलतला के घने जंगल में SSB की बड़ी कार्रवाई, सुरंगनुमा ठिकाने से 3 अवैध हथियार बरामद

सिमुलतला के घने जंगल में SSB की बड़ी कार्रवाई, सुरंगनुमा ठिकाने से 3 अवैध हथियार बरामद
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
जमुई/सिमुलतला। जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 16वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने हल्दिया झरना के आसपास चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान एक सुरंगनुमा ठिकाने से एक देसी राइफल और दो देसी कट्टा समेत कुल तीन अवैध हथियार बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई की पुष्टि 16वीं वाहिनी SSB के द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की है।
सूचना के बाद चलाया गया अभियान
SSB की आसूचना शाखा को 10 सितंबर को सूचना मिली थी कि बथनावरण, कासासकरी घोटारी और नूनतारा के समीप घने जंगल में हल्दिया झरना के आसपास नक्सलियों द्वारा पूर्व में हथियार, गोला-बारूद अथवा अन्य आपत्तिजनक सामग्री छिपाकर रखी गई है।
सूचना के आधार पर द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी के नेतृत्व में 11 सितंबर की मध्य रात्रि के बाद क्षेत्र प्रभुत्व एवं डी-माइनिंग अभियान शुरू किया गया।

खोजी श्वानों के साथ 6-7 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
अभियान में सिमुलतला के ‘बी’ समवाय के 34 SSB जवानों के साथ प्रशिक्षित खोजी श्वान जूली और फेंटा, DSMD तथा स्थानीय पुलिस के जवान शामिल रहे। संयुक्त टीम ने करीब 6 से 7 घंटे तक घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान करीब 11 बजे हल्दिया झरना से लगभग 200 मीटर पश्चिम दिशा में बड़े-बड़े पत्थरों के बीच एक सुरंगनुमा स्थान मिला। सुरक्षा बलों को संदेह हुआ कि इसी स्थान पर आपत्तिजनक सामग्री छिपाकर रखी गई है।

एक देसी राइफल और दो कट्टा बरामद
सुरंगनुमा ठिकाने की गहन तलाशी लेने पर वहां से एक देसी राइफल और दो देसी कट्टा बरामद किए गए। SSB ने बरामद सभी हथियारों को विधिवत जब्त कर लिया है।
हथियारों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सिमुलतला थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।

नक्सल गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सल गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। SSB के अनुसार, क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए आसूचना आधारित अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




















