
चकाई SSB ने सुदूर बीहड़ों में जगाई उम्मीद, 350 ग्रामीणों का किया ईलाज, किसानों को दिए कृषि संबंधित औज़ार
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
SSB लगातार जनता का दिल और विश्वास जीतने में हो रहा है कामयाब।
जब गरीबी के बीच पहुंची SSB की टीम तो ग्रामीणों के खिले चेहरे।
प्रभारी कमांडेंट बाँके बिहारी, के नेतृत्व में डॉ हरे कृष्ण मेनन ने जब छुई गरीबों की नब्ज, तो दिल से निकली आवाज, थैंक यू SSB
शिविर का विधिवत् उद्घाटन, कम्पनी कमांडर, प्रदीप कुमार वर्मन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया।
तमाम मुखिया एवं प्रतिनिधियों ने SSB की इस खूबसूरत पहल को सैल्यूट किया।
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चकाई प्रखंड के घने और बीहड़ बयावन जंगल के बीच बसा बेंद्रा गांव, जो कभी लाल आतंक और माओवादी गतिविधियों के खौफ के साए में जीता था, मंगलवार को विश्वास और आत्मीयता के नए रंगों से सराबोर दिखा। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सिमुलतला की पहल पर ठाढ़ी पंचायत के इसी सुदूर गांव में जब नागरिक कल्याण शिविर सजा, तो वर्दी के फौलादी हाथ ग्रामीणों के लिए ममता और संबल का प्रतीक बन गए। जिन पगडंडियों पर कभी दहशत का सन्नाटा पसरा रहता था, वहां ग्रामीणों के खिलखिलाते चेहरों और जवानों के उत्साह ने विकास की नई इबारत लिख दी।

एसएसबी के प्रभारी कमांडेंट बांके बिहारी के कुशल मार्गदर्शन एवं संवेदनशील सोच के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच के फासले को पूरी तरह पाट दिया। शिविर का विधिवत उद्घाटन कंपनी कमांडर प्रदीप कुमार वर्मन, सहायक कमांडेंट सह मेडिकल टीम के डा. हरे कृष्ण मेनन, चकाई जिला पार्षद (भाग-1) सलौमी मुर्मू, ठाढ़ी पंचायत मुखिया प्रतिनिधि मनोज हेम्ब्रम, रामसिंहडीह मुखिया ओमप्रकाश पासवान एवं सरपंच बबलू पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
बीहड़ों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम ग्रामीणों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। डा. मेनन के नेतृत्व में एसएसबी की दक्ष मेडिकल टीम ने 350 बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें नि:शुल्क दवाएं वितरित कीं। वर्षों से अभाव झेल रहे ग्रामीणों ने जब अपनी दहलीज पर फौजी डाक्टरों को नब्ज टटोलते देखा, तो उनकी आंखें कृतज्ञता से भर आईं।

खेतों की उर्वरा शक्ति और किसानों के हौसले को नई धार देने के लिए बड़े पैमाने पर कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। एसएसबी ने किसानों को 10 स्प्रे मशीन, 30 कुदाल, 100 खुरपी, 100 हंसुआ, 100 कचिया, 80 पंजा और 20 फावड़ा सौंपे। औजार हाथ में आते ही किसानों ने कहा कि वर्दी वालों ने उनके खेतों की किस्मत बदलने का बीड़ा उठाया है।
जनप्रतिनिधियों ने मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा एसएसबी ने सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व के संकल्प को जमीन पर उतारकर जनता का दिल जीत लिया है। कार्यक्रम में भारी संख्या में एसएसबी जवान और कई गांव के ग्रामीण उपस्थित रहे।




















