[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

रेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडरडीएम सीतामढ़ी ने पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा, सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर जताई नाराजगीजनसमस्याओं के तत्वरित समाधान को लेकर जनता दरबार कार्यक्रम नए स्वरूप में आयोजितनरकटियागंज से पाटलिपुत्र के लिए प्रतिदिन 4 ट्रेनें जाती है और आती 3 है…..मैट्रिक, इंटर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दो जोड़ी मेमू ट्रेन का विभिन्न हॉल्ट पर एक मिनट का दिया गया ठहराव।बटिया पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चेकिंग के दौरान पिक अप वाहन जप्त, 486 लीटर विदेशी शराब बरामद, चालक गिरफ्तारबरन कन्या उत्थान न्यास समिति द्वारा गया में कार्यक्रम आयोजित कर छह बेटियों को दी गई आर्थिक सहयोग, बतौर मुख्य अतिथि ओंकारनाथ बरनवाल हुए शामिलविभिन्न मांगों को लेकर तीन दिनो से लगातार चकाई में अनसन पर बैठे अनसन कारियों को पुर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने तुड़वाया अनसनएसपी स्वर्ण प्रभात ने दो दारोगा को किया सस्पेंड- कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप
अरवलटॉप न्यूज़बिहारराज्य

भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी थी

भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी थी

अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट 

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी, 1831 को महाराष्ट्र के नायगांव में हुआ था.
सावित्रीबाई ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए पहला विद्यालय खोला था.
सावित्रीबाई ने दलित बालिकाओं के लिए भी एक विद्यालय खोला था.
सावित्रीबाई ने देश के पहले किसान स्कूल की भी स्थापना की थी.
सावित्रीबाई ने विधवा विवाह करवाने और छुआछूत मिटाने के लिए भी काम किया.
सावित्रीबाई को आधुनिक मराठी काव्य की अग्रदूत माना जाता है.
सावित्रीबाई के कुछ अनमोल विचार:
शिक्षा स्वर्ग का द्वार खोलती है.
स्वाभिमान से जीने के लिए पढ़ाई करो.
बेटी के विवाह से पहले उसे शिक्षित बनाओ.
सावित्रीबाई के पति ज्योतिराव फुले समाज सुधारक थे और उन्हें महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया गया था.
सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1841 में ज्योतिराव फुले से हुआ था। सावित्रीबाई फुले भारत के पहले महिला शिक्षिका थी।

Check Also
Close