
शिव और पार्वती का प्रेम त्याग समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक हैं:- मंजीत मनोहर मिश्रा
राम कथा में उमड़ रही है भक्तों की भीड़
रिपोर्ट चारोधाम मिश्रा
बक्सर ( बिहार) बक्सर जिला के निरंजनपुर गांव में बाबा कमलेश्वर नाथ मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर सात दिवसीय राम कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित मंजीत मनोहर मिश्रा ने भक्तों के बीच भगवान राम के चरित्र की महिमा का अत्यंत सरल एवं भावपूर्ण भाषा में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के गुणों का पूर्ण वर्णन करना संभव नहीं है।राम परमात्मा, परमेश्वर और परम प्रकाश हैं, वे सत्य के प्रतीक, प्रेम के सागर और न्याय के योद्धा हैं।
उन्होंने अपने जीवन में सदैव न्याय और धर्म का पालन किया तथा मानव समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया। कथा के दौरान पंडित मंजीत मनोहर मिश्रा ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का सुंदर और भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा की यह प्रसंग रामचरितमानस के बालकांड से लिया गया है, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम तथा उनके पवित्र विवाह का अत्यंत मनोहारी चित्रण मिलता है।उन्होंने कहा कि शिव और पार्वती का प्रेम त्याग, समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है, जो समाज के लिए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है।
भगवान शिव के विवाह में भगवान राम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गयी है।गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार भगवान राम ने ही शिवजी को पार्वती के प्रेम में सफल होने का आशीर्वाद दिया था।
राम की कृपा से ही शिवजी को माता पार्वती के साथ विवाह का अवसर प्राप्त हुआ।इस प्रसंग के माध्यम से तुलसीदास जी ने भगवान राम को भगवान शिव के आराध्य के रूप में भी दर्शाया है, जो उनकी भक्ति और प्रेम की गहराई को प्रकट करता है।
मौके पर अध्यक्ष धीरज सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष तेज नारायण सिंह,, कोषाध्यक्ष मनीष वर्मा सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।




















