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अब ग्राम समाज की खाली जमीन पर लगेंगे उद्योग, डीएम की निगरानी में जिला स्तर पर बनेगा भूमि बैंक

हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व, नगर विकास, ग्राम्य विकास, जिला पंचायत और आवास विभाग के अधिकारियों को ग्राम समाज और सरकारी जमीनों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए।

अब सिर्फ एनसीआर नहीं, पूर्वांचल-बुंदेलखंड में भी लगेंगे उद्योग

भूमि की उपलब्धता न होना रहा अब तक बड़ी बाधा

अब ग्राम समाज की अव्यवस्थित जमीनों का उपयोग करने की तैयारी में योगी सरकार

भू-माफियाओं से कब्जा मुक्त कराकर जमीन पर लगेंगे उद्योग

उत्तर प्रदेश सरकार अब प्रदेश भर में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ग्राम समाज की खाली और बंजर भूमि को चिह्नित कर भूमि बैंक तैयार करने का निर्णय लिया है। इन जमीनों को उद्योगों की स्थापना के लिए उद्यमियों को आवश्यकता के आधार पर मुहैया कराया जाएगा। प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी के पास इस भूमि की सूची रहेगी।

अब तक प्रदेश में एनसीआर क्षेत्र को उद्योग स्थापना का मुख्य केंद्र माना जाता रहा है, लेकिन सरकार की मंशा है कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। उद्योग लगाने में जमीन की अनुपलब्धता एक बड़ी बाधा रही है, जिसे दूर करने के लिए यह रणनीति बनाई गई है।

राजस्व व नगर विकास विभाग को मिली जिम्मेदारी

हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व, नगर विकास, ग्राम्य विकास, जिला पंचायत और आवास विभाग के अधिकारियों को ग्राम समाज और सरकारी जमीनों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। खासतौर पर बंजर और खलिहाल जैसी ऐसी भूमि जो वर्षों से खाली पड़ी है या जिस पर अवैध कब्जा है, उन्हें चिह्नित कर उद्योग स्थापना के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि प्रदेश में हजारों एकड़ भूमि ऐसी हैं जिनका कोई अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और जिन पर भूमाफियाओं का कब्जा है। अब ऐसी जमीनों को सरकारी रिकार्ड में लाकर उद्योगों को सौंपने की योजना बनाई गई है।

यह पहल न केवल प्रदेश में रोजगार सृजन करेगी, बल्कि औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा देगी। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि भूमि चयन, कब्जा हटाने और रिकॉर्ड अपडेट की कार्यवाही तेजी से पूर्ण की जाए।

 

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