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चकिया सरकारी हॉस्पिटल में इमरजेंसी सेवा का सच बेहद कड़वा, रात को नहीं मिलते विशेषज्ञ

चकिया सरकारी हॉस्पिटल में यूं तो 24 घंटे इमरजेंसी सेवा देने का दावा किया जाता है लेकिन इसके पीछे की हकीकत बेहद खतरनाक है। इमरजेंसी वार्ड में रात के समय विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलते।

चंदौली चकिया सरकारी अस्पताल का मामला आया सामने सच तो यह है कि इमरजेंसी के नाम पर अस्पताल प्रबंधन किसी भी डॉक्टर की तैनाती रात में कर देते हैं। ऐसे डॉक्टर मरहम पट्टी तो ठीक, लेकिन गंभीर मरीज अस्पताल में आने पर इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाने के अलावा कुछ नहीं कर पाते।

ऑन कॉल का नियम

रात के वक्त अगर अस्पताल में पहले से भर्ती या इमरजेंसी में पहुंचे मरीज को अगर विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत पड़ती है तो वहां मौजूद स्टाफ को डॉक्टर को बुलाना होता है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को अगर लगता है तो डॉक्टर के आने तक वह मरीज को प्राथमिक उपचार देंगे। ऑन कॉल विशेषज्ञ डॉक्टर को अस्पताल पहुंचना ही होगा।

चंदौली ब्यूरो चीफ – नितेश सिंह यादव कि रिपोर्ट
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