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डॉक्टर बनकर कंपाउंडर करता रहा इलाज,

यह एक गंभीर और गैरकानूनी कृत्य है। एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर द्वारा मरीजों का इलाज करना डॉक्टर के निर्धारित कर्तव्यों का उल्लंघन है और यह बेहद खतरनाक है। ऐसी स्थिति में मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।

चंदौली /नौगढ़ – डॉ भीमराव अम्बेडकर डिजिटल लाइब्रेरी का मामला कैमरे में कैद हुआ मीडिया ने सूत्रों के जानकारी के अनुसार जांच पड़ताल करने गया तो मौके का वीडियो कैमरा में कैद किया यह काला सच सामने आते ही सूत्रों का जानकारी सत्य साबित हुआ पूरा पता फोटो एवं वीडियो के अनुसार समाचार के माध्यम से प्रकाशित किया जाता है सी.डी. सिंह के मकान में सरकारी हॉस्पिटल के सामने नहर पर बाघी नौगढ़ चंदौली और बता दें कि यह एक गैर-कानूनी और खतरनाक स्थिति है जहां एक प्राइवेट अस्पताल में कंपाउंडर मरीजों का इलाज कर रहा है और डॉक्टर अनुपस्थित हैं, क्योंकि मरीजों की जान जोखिम में है और यह कानूनी रूप से गलत है। भारत में, कंपाउंडर का काम डॉक्टर की देखरेख में होता है, जैसे इंजेक्शन लगाना और दवाएं देना। कंपाउंडर को मरीजों का इलाज करने, निदान करने या सर्जरी जैसे काम करने का अधिकार नहीं है। ऐसी स्थिति स्वास्थ्य सेवा के मानकों और कानूनी ढांचे का उल्लंघन करती है।यह एक गंभीर और गैरकानूनी कृत्य है। एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर द्वारा मरीजों का इलाज करना डॉक्टर के निर्धारित कर्तव्यों का उल्लंघन है और यह बेहद खतरनाक है। ऐसी स्थिति में मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।

 

डॉक्टर बनकर कंपाउंडर करता रहा इलाज,

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