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फुस की झोपड़ी में गुजर बसर करने वाले ठेला चालक मजदूर की बेटी बिहार पुलिस में सिपाही पद पर चयनित, पिता का सपना हुआ पूरा 

फुस की झोपड़ी में गुजर बसर करने वाले ठेला चालक मजदूर की बेटी बिहार पुलिस में सिपाही पद पर चयनित, पिता का सपना हुआ पूरा

जमुई से चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट 

जमुई: फुस की झोपड़ी में रहकर गरीबी में जीवन यापन करने वाले एवं ठेला चलाने वाले एक मजदूर की बेटी ने काफी संघर्षों और कड़ी मेहनत के बाद बिहार पुलिस में सिपाही पद प्राप्त कर अपने माता-पिता का सपना पूरा कर दिखाई है । तालाब के किनारे पुआल की छत , टाट की दिवार से बना दो कमरों वाला कच्चे मकान में पढ़कर रजनी ने इस पद को प्राप्त करने में सफलता हासिल की ।

पढ़ाई का खर्च जुटा पाने में असमर्थ रजनी के पिता दशरथ पासवान ने कर्ज लेकर एक ठेला खरीदा और कड़ी मेहनत कर अपनी पुत्री की पढ़ाई का खर्चा जुटाकर उसे इस काबिल बनाया ।

जमुई मुख्यालय से तकरीबन तीन किलोमीटर दूर भजोर गांव के पासवान टोला निवासी दशरथ पासवान की पुत्री रजनी बिहार पुलिस में सिपाही पद पर चयनित होकर ना सिर्फ अपने परिवार बल्कि पासवान टोला का गौरव बन गई है।

रजनी के पिता दशरथ पासवान ने बताया कि हम दोनों पति-पत्नी मजदूरी करते हैं , मजदुरी कर कुल दस परिवारों को चलाना ओर बेटी को पढ़ा पाना मुश्किल ही नहीं एक चुनौती बन गया था।

जिस कारण कर्ज लेकर एक ठेला खरीदा और बेटी का सपना पूरा करने में दिन रात मेहनत करने लगा । अंततः बेटी ने अपने लक्ष्य को डिगने नहीं दिया और दृढ़ इच्छा के साथ पढ़ाई करते हुए इस पद को प्राप्त कर इतिहास रच दिया है ।

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