
साइबर अपराध पर सख्ती: जमुई में अब हर सप्ताह मनाया जाएगा “साइबर मंगलवार”
मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, जिलों को दिए अहम निर्देश
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
जमुई। बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया और जिले में साइबर सुरक्षा एवं जन-जागरूकता से जुड़े निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) डॉ. मेनका द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में साइबर अपराध समन्वय केंद्र के कार्यों को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही साइबर अपराध के मामलों में क्षेत्राधिकार के विवाद से बचते हुए तत्काल “जीरो एफआईआर” दर्ज करने का निर्देश दिया गया, ताकि जांच में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रिवेंस रिड्रेसल मॉड्यूल) पर प्राप्त मामलों के त्वरित निष्पादन तथा मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के प्रभावी उपयोग के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोगों की फ्रीज की गई राशि शीघ्र वापस दिलाने पर भी जोर दिया गया।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर रोक लगाने के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से आपत्तिजनक कंटेंट को तत्काल हटाने तथा समन्वय पोर्टल के जरिए त्वरित अलर्ट और रोकथाम संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस बल की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए साइट्रेन पोर्टल के माध्यम से निरंतर प्रशिक्षण और चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई।
बैठक में आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को “साइबर मंगलवार” के रूप में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने जिलेवासियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षा की पहली सीढ़ी स्वयं की जागरूकता और सतर्कता है। साइबर अपराधी लोगों के डर और लालच का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी अनजान फोन कॉल, संदेश या लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरे जिले में साइबर जागरूकता का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रत्येक मंगलवार को विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

वहीं, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने लोगों से डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें, क्योंकि कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
उन्होंने लोगों को लॉटरी, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या बैंक खाता बंद होने के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों और लिंक से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या सरकारी साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते ठगी की गई राशि को फ्रीज कर वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।




















