
“मीडिया एवं प्रशासन: विश्वास के साझेदार, विकास के सहयात्री” खुशी की बात ये है कि कुम्हैनी डैम को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने हेतु राज्य सरकार को भेजा गया प्रस्ताव।
विषय पर आज समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित।
आपके लोकप्रिय चैनल दैनिक लाईव न्यूज 24 के प्रतिनिधि डॉ बीरेंद्र कुमार ने उठाए जनहित के मुद्दे।
परसा स्थित कुम्हैनी डैम, गैंडों घाट की पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने हेतु खबरों एवं व्यक्तिगत रूप से उठायी आवाज।
झाझा संत जोसेफ़ स्कूल और ताराकुरा वाली सड़क का भी उठाया मुद्दा।
जमुई में पर्यटन उद्योग, आधारभूत सुविधाओं और भविष्य की विकास योजनाओं पर हुआ सकारात्मक संवाद।
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
जमुई: जिले के विकास की संभावनाओं को नई पहचान देने, बीते एक वर्ष में जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों से मीडिया को अवगत कराने तथा भविष्य की विकास योजनाओं में प्रशासन और मीडिया की साझेदारी को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज जिला प्रशासन द्वारा ‘मीडिया एवं प्रशासन : विश्वास के साझेदार, विकास के सहयात्री’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले में उद्योग, पर्यटन, आधारभूत संरचना और सामाजिक विकास की दिशा में किए गए प्रयासों, उनकी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने विकास की विभिन्न पहलों को आमजन तक पहुंचाने और जिले की सकारात्मक तस्वीर को व्यापक पहचान दिलाने में मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उसके प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का मूल भाव यह रहा कि जमुई में बीते एक वर्ष के दौरान विकास और सकारात्मक बदलाव की दिशा में जो प्रयास हुए हैं, उन्हें जमुई की मीडिया ने अपनी सक्रियता और सकारात्मक कवरेज के माध्यम से जनता के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। इससे न केवल प्रशासन की पहलों को व्यापक पहचान मिली, बल्कि जिले की बदलती तस्वीर, स्थानीय संभावनाओं और विकास के प्रति लोगों की उम्मीदों को भी नई अभिव्यक्ति मिली। प्रशासन और मीडिया के बीच स्थापित यह सकारात्मक संवाद आने वाले समय में और व्यापक होगा तथा जिले के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जिला पदाधिकारी ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक भागीदारी से लेकर पर्यटन विकास की व्यापक योजनाओं तक की चर्चा की। उन्होंने चोरमारा एवं आसपास के क्षेत्रों में आए बदलाव, शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया तथा भीमबांध इको टूरिज्म सर्किट के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से मीडिया को अवगत कराया। बरहट, लक्ष्मीपुर और चोरमारा सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया, प्रस्तावित कार्ययोजनाओं और इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, आजीविका तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की प्राकृतिक संपदा और स्थानीय विशेषताओं को योजनाबद्ध ढंग से विकसित कर जमुई को पर्यटन के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है।
जिले में पर्यटन विकास की भावी रूपरेखा साझा करते हुए जिला पदाधिकारी ने गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र, गिद्धेश्वर मंदिर, नौलखा गढ़, परासी पहाड़, गरही डैम, लछुआर, कुंडघाट और महादेव सिमरिया जैसे प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक समेकित पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने की योजना से भी मीडिया को अवगत कराया। इस दिशा में परासी पहाड़ और गढ़ी डैम के आसपास चिह्नित भूमि को पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास की दृष्टि से तैयार करने की जिला प्रशासन के योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही खेल भवन एवं श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम के जीर्णोद्धार, झाझा के कुम्हैनी डैम सहित जिले के अन्य महत्वपूर्ण प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों की पर्यटन क्षमता को विकसित करने के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
हाल ही में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के चकाई भ्रमण के दौरान जिले के औद्योगिक विकास को लेकर दिए गए निर्देशों और उनसे जुड़ी कार्ययोजनाओं की जानकारी भी कार्यशाला में साझा की गई। जिला पदाधिकारी ने चकाई क्षेत्र में चिह्नित लगभग 9000 एकड़ भूमि तथा वहां उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले में उद्योगों के विकास, निवेश को प्रोत्साहित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन और उद्योग, दोनों क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास से जमुई की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर विकास के नए अवसर सृजित होंगे।
जिला पदाधिकारी ने जिले के समग्र विकास के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशासन को साथ लेकर एक प्रभावी साझा मंच गठित करने की इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए आवश्यक मुद्दों को साझा मंच पर उठाना, समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना और विकास योजनाओं में आमजन की आकांक्षाओं को शामिल करना समय की जरूरत है। विकास तभी सार्थक होता है, जब उसमें समाज के सभी वर्गों की भूमिका और भागीदारी सुनिश्चित हो। जिला प्रशासन जनता के हित में कार्य कर रहा है और योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए जनता के विचारों, अपेक्षाओं और अनुभवों को समझना भी उतना ही आवश्यक है। इस दिशा में मीडिया एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकता है।
कार्यशाला के दौरान आयोजित संवाद सत्र में मीडिया प्रतिनिधियों ने जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। दैनिक जागरण के जिला ब्यूरो प्रमुख श्री संजय सिंह ने नक्सलवाद के समाप्ति के बाद जमुई में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए जिले में क्रिकेट के विकास के लिए स्टेडियम के मैदान के जीर्णोद्धार, वहां घास लगाने तथा क्रिकेट के लिए समर्पित मैदान विकसित करने का सुझाव दिया। जिला पदाधिकारी ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उनके सुझाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। अन्य मीडिया प्रतिनिधियों ने भी जिले में पर्यटन की संभावनाओं, महत्वपूर्ण स्थलों के विकास तथा शहरी क्षेत्रों में जाम की समस्या जैसे विषयों पर ध्यान आकृष्ट कराया। इस संवाद ने यह स्पष्ट किया कि मीडिया की सक्रिय भागीदारी न केवल विकास कार्यों को सामने लाने में सहायक है, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों और व्यावहारिक सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है।
इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का भी प्रसारण किया गया। डॉक्यूमेंट्री में जमुई की बदलती तस्वीर, सकारात्मक पत्रकारिता के प्रभाव और प्रशासन एवं जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया गया। इसका उद्देश्य जिले में हुए बदलावों और विकास की इस यात्रा में मीडिया के योगदान को सामने लाना तथा प्रशासन और मीडिया के बीच विश्वास एवं सहयोग के संबंधों को और मजबूत करना था।
कार्यक्रम के समापन पर उप विकास आयुक्त द्वारा जिला प्रशासन की ओर से सामाजिक एवं आर्थिक विकास में मीडिया की भूमिका की सराहना की गई। साथ ही आनेवाले समय में जिले के विकास से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, संवेदनशील और सकारात्मक संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही इस कार्यशाला में शामिल सभी मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह विश्वास जताया गया कि प्रशासन और मीडिया के बीच सहयोग, पारदर्शिता तथा निरंतर संवाद की यह परंपरा आने वाले समय में और मजबूत होगी।
जमुई के विकास की यात्रा में जिला प्रशासन की यह पहल और मीडिया की सकारात्मक भागीदारी एक-दूसरे की पूरक हैं। प्रशासन विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं मीडिया इन प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने, जनहित के मुद्दों को सामने लाने और जनता की अपेक्षाओं को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वास, संवाद और साझा जिम्मेदारी पर आधारित यह कार्यक्रम न केवल जिले के विकास कार्यों को व्यापक पहचान देगी, बल्कि जमुई की संभावनाओं को साकार करने और जिले के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आज के इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जमुई,विकास आयुक्त जमुई, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झाझा और जमुई सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी के साथ –साथ प्रिंट ,इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जिले के सभी सम्मानित मीडियाकर्मी शामिल हुए।




















