
अरवल में तीन दिवसीय सोलर मेला आयोजित, एक ही जगह मिलेगी आवेदन से लेकर सब्सिडी और बैंक ऋण तक की सुविधा
3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने पर केंद्र और बिहार सरकार से कुल 98 हजार रुपये तक अनुदान का उल्लेख, बिजली बिल में बचत की उम्मीद
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
अरवल। जिले के अधिक से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से जोड़ने तथा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अरवल के इंडोर स्टेडियम में 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय सोलर मेले का आयोजन किया गया है। जिला पदाधिकारी श्रीमती अमृषा बैंस के निर्देशानुसार आयोजित इस मेले में उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने, सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने, बैंक ऋण लेने, आवेदन करने और पंजीकृत वेंडर का चयन करने की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, बिजली बिल में बचत के प्रति जागरूक करना तथा योजना की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना है।
1 से 3 किलोवाट के सोलर पैनल से कितना होगा बिजली उत्पादन?
सोलर मेले में उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की क्षमता के अनुसार संभावित बिजली उत्पादन की जानकारी दी जा रही है। अनुकूल मौसम और पर्याप्त धूप की स्थिति में एक किलोवाट का सोलर पैनल प्रतिदिन लगभग 4 से 5 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इससे महीने में करीब 120 से 150 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है।
इसी प्रकार, दो किलोवाट के सोलर पैनल से प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट और प्रतिमाह 240 से 300 यूनिट बिजली पैदा हो सकती है। वहीं, तीन किलोवाट के सोलर पैनल से प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट तथा प्रतिमाह 360 से 450 यूनिट तक बिजली उत्पादन की संभावना रहती है।
उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली खपत, छत पर उपलब्ध जगह और जरूरत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं।
केंद्र और बिहार सरकार से मिलेगी सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से सोलर पैनल की क्षमता के अनुसार अनुदान दिया जाता है। मेले में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, एक किलोवाट पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की ओर से भी अनुदान की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, एक किलोवाट पर 10 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 20 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 20 हजार रुपये की राज्य सब्सिडी का उल्लेख किया गया है।
इस प्रकार, दी गई जानकारी के मुताबिक तीन किलोवाट के सोलर पैनल पर केंद्र और राज्य सरकार को मिलाकर कुल 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक अनुदान की राशि योजना के वर्तमान प्रावधानों, उपभोक्ता की पात्रता और स्वीकृत क्षमता के अनुसार निर्धारित होगी।
दो लाख रुपये की परियोजना लागत पर कितना आएगा खर्च?
मेले में दी गई जानकारी के अनुसार, तीन किलोवाट के सोलर पैनल की अनुमानित लागत करीब दो लाख से 2.10 लाख रुपये तक हो सकती है। यदि परियोजना की लागत 2.10 लाख रुपये मानी जाए और उपभोक्ता को कुल 98 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हो, तो अनुदान घटाने के बाद शेष खर्च लगभग 1.12 लाख रुपये रह जाएगा।
हालांकि, वास्तविक लागत पंजीकृत वेंडर, उपकरणों और स्थापना संबंधी शर्तों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को अंतिम लागत और सब्सिडी की पात्रता की पुष्टि संबंधित अधिकारियों या अधिकृत वेंडर से करने की सलाह दी जाती है।
तीन किलोवाट के सोलर पैनल से हर महीने तीन हजार रुपये तक की बचत की संभावना
तीन किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल से अनुकूल परिस्थितियों में प्रतिमाह लगभग 450 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। घरेलू खपत, बिजली की लागू दरों और नेट मीटरिंग व्यवस्था के आधार पर उपभोक्ता प्रतिमाह करीब 2,500 से 3,000 रुपये तक की संभावित बचत कर सकते हैं।
सोलर पैनल की सामान्य उपयोगी अवधि लगभग 25 वर्ष मानी जाती है। उचित रखरखाव के साथ उपभोक्ता लंबे समय तक इससे बिजली उत्पादन का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
बिहार सरकार की घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली की व्यवस्था के अतिरिक्त भी सोलर पैनल के माध्यम से बिजली खर्च में बचत की संभावना रहती है। वास्तविक बचत उपभोक्ता की खपत और लागू विद्युत नियमों पर निर्भर करेगी।
बैंक ऋण की सुविधा से सोलर पैनल लगवाना होगा आसान
जिन उपभोक्ताओं के पास सोलर पैनल लगवाने के लिए एकमुश्त राशि उपलब्ध नहीं है, उनके लिए मेले में बैंक ऋण से संबंधित जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र उपभोक्ता बैंक की शर्तों के अनुसार ऋण लेकर मासिक किस्तों के माध्यम से सोलर पैनल लगवा सकते हैं।
ऋण की ब्याज दर, स्वीकृति और पुनर्भुगतान की शर्तें संबंधित बैंक के नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।
मेले में आने वाले इच्छुक उपभोक्ताओं को अपने साथ आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल और सक्रिय मोबाइल नंबर लेकर आने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन एवं अन्य प्रक्रियाओं में सुविधा हो सके।
नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली का भी मिलेगा लाभ
सोलर पैनल से उत्पादित बिजली यदि घरेलू खपत से अधिक होती है, तो लागू नियमों और स्वीकृत नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त बिजली विद्युत ग्रिड में भेजी जा सकती है।
इस व्यवस्था में अतिरिक्त बिजली का लेखा-जोखा निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है। पात्र परिस्थितियों में इसका समायोजन बिजली बिल में किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने और ग्रिड से खरीदी जाने वाली बिजली पर होने वाले खर्च को कम करने में सहायता मिलती है।
एक ही छत के नीचे आवेदन, वेंडर चयन और स्थापना की जानकारी
तीन दिवसीय सोलर मेले में उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन करने, अपने घर की छत के अनुसार सोलर पैनल की उपयुक्त क्षमता चुनने, अनुमानित लागत जानने, सब्सिडी प्राप्त करने और बैंक ऋण की प्रक्रिया समझने का अवसर दिया जा रहा है।
इसके साथ ही इच्छुक उपभोक्ता अपनी पसंद के पंजीकृत वेंडर का चयन कर सकते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें तथा आवेदन से लेकर सोलर पैनल की स्थापना तक की प्रक्रिया अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बने।
स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सौर ऊर्जा का उपयोग घरेलू बिजली खर्च कम करने के साथ-साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी सहायक है। सोलर पैनल से बिजली उत्पादन के दौरान प्रत्यक्ष रूप से धुआं नहीं निकलता, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलती है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना से जुड़ें और सौर ऊर्जा अपनाकर आर्थिक बचत के साथ स्वच्छ एवं हरित अरवल के निर्माण में योगदान दें।
जिला पदाधिकारी ने जिलावासियों से की अपील
जिला पदाधिकारी, अरवल श्रीमती अमृषा बैंस ने जिले के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक इंडोर स्टेडियम, अरवल में आयोजित सोलर मेले में पहुंचकर प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
उन्होंने उपभोक्ताओं से आधार कार्ड, बिजली बिल और मोबाइल नंबर के साथ मेले में पहुंचने तथा आवेदन, बैंक ऋण, सब्सिडी संबंधी मार्गदर्शन एवं पंजीकृत वेंडर चयन की उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
(स्रोत: जिला जनसम्पर्क कार्यालय, अरवल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति।)




















