
‘संकल्प से सिद्धि तक’ अभियान के तहत गुजरात पहुंचे बिहार के 1200 सामाजिक कार्यकर्ता, दिया नक्सल मुक्त भारत का संदेश
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
अरवल। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘संकल्प से सिद्धि तक’ अभियान के तहत 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘नक्सल मुक्त भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संकल्प को मजबूत करना है।
इस अभियान के तहत बिहार के 22 नक्सल प्रभावित जिलों से करीब 1200 सामाजिक कार्यकर्ताओं की टोली गुजरात के एकता नगर पहुंची। यहां सभी ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के दर्शन किए और सामाजिक एकता, राष्ट्रीय अखंडता तथा नक्सलवाद मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पूर्व जिला पार्षद एवं बिहार भाजपा के प्रदेश सह-संयोजक, पंचायती राज प्रकोष्ठ आनंद कुमार चंद्रवंशी ने भी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दर्शन किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2013-14 में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के निर्माण के लिए चलाए गए राष्ट्रव्यापी लौह संग्रह अभियान में उन्होंने भी अपना योगदान दिया था। आज उसी ऐतिहासिक प्रतिमा को करीब से देखने और स्पर्श करने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद भावुक एवं गौरवपूर्ण क्षण है।
आनंद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और मजबूत राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देंगे। उन्होंने नक्सलवाद मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सामाजिक सहभागिता और आपसी एकजुटता को आवश्यक बताया।
इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकटेश शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, रमेश शर्मा, कुशवाहा चंदन, रमेश पांडेय, सत्येंद्र मिस्त्री, बबन पासवान, शंकर सहनी, शेषनाग ठाकुर, अमरकृति, शंकर साव, विनय कुमार दरोगा, नारायण जी सहित बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और नक्सलवाद मुक्त भारत के निर्माण का मजबूत संदेश दिया गया।
संदेश स्पष्ट है—एकजुट समाज, मजबूत राष्ट्र और नक्सल मुक्त भारत ही विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




















