
लोक आस्था का चार दिवसीय छठ महापर्व उदियमान सुर्य को अर्ध्य अर्पित के साथ समापन
जमुई / सोनो संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट
बिहार को पुरे विश्व में पहचान दिलाने वाले लोक आस्था का छठ महापर्व उदियमान भगवान भास्कर सुर्य को अर्ध्य अर्पित के साथ समापन हो गया है ।
पुरे 48 घंटे तक निर्जला उपवास रखकर नेम निष्ठा और पवित्रता के साथ किया गया छठ मैया के इस महापर्व मे सभी छठ घाटों पर व्रतियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अर्ध्य अर्पित किया ।
छठ व्रतियों ने छठ घाटों पर जहां सुप ओर दौरा अपने हाथों में लेकर भगवान भास्कर सुर्य ओर मैया छठी की अराधना किया वहीं श्रधालुओं ने पुरी आस्था के साथ गौ माता की दुध ओर पवित्र जल चढ़ाकर अर्ध्य अर्पित करते हुए मिन्नतें मांगी ।
ज्ञात हो कि सुख , शांति, श्रद्धा , अनुसासन , समृद्धि , आरोग्य व पवित्रता एवं प्रकृति के प्रति अथाह समर्पण , समाजिक समरसता , सुर्योपासना , एवं लोक आस्था के प्रतिक पावन महापर्व छठ पूजा की समाप्ति के साथ ही नो दिवशिय महा भागवत कथा कार्तिक उद्यापन का शुभारंभ हो गई है ।

बताते चलें कि सनातन धर्म में भी एक ऐसी आस्था होती है जो डुबते हुए भगवान भास्कर सुर्य को पहला अर्ध्य एवं उदियमान सुर्य को दुसरा अर्ध्य अर्पित किया गया ।
उर्जा से परिपूर्ण , तन , मन, धन , यस , वैभव और स्वास्थ्य निरोग , पुत्र की प्राप्ति के लिए किया जाने वाला चार दिवसीय छठ महापर्व उदियमान सुर्य को अर्ध्य अर्पित के साथ समापन हो गया है ।




















