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रामगढ़–कैमूर दही-चूड़ा समागम बना सामाजिक बदलाव की मिसाल

रामगढ़–कैमूर दही-चूड़ा समागम बना सामाजिक बदलाव की मिसाल

युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और नशामुक्त समाज का लिया संकल्प

रामगढ़ (कैमूर): परिवर्तन चेतना मंच के तत्वावधान में आयोजित रामगढ़–कैमूर दही-चूड़ा समागम सामाजिक चेतना और युवाओं की भागीदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। यह आयोजन केवल पारंपरिक समागम नहीं, बल्कि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की मजबूत शुरुआत साबित हुआ।

कार्यक्रम में रामगढ़–कैमूर क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और यह संदेश दिया कि अब युवा अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सजग और संगठित हैं। आयोजन स्थल पर उत्साह, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का माहौल देखने को मिला।

समागम को रणधीर सिंह, रामलड्डू मुरली मनोहर, जलालु कुरैशी, सुमित, प्रदीप पांडे, सुमित सिंह, प्रशांत सिंह और दिनेश प्रजापति सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण, शिक्षा के प्रसार, रोजगार सृजन और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन परिवर्तन चेतना मंच के संरक्षक रणधीर सिंह और आसिफ़ ग़ाज़ीपुरी ने किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन तभी संभव है जब युवा संगठित होकर साझा सोच के साथ आगे बढ़ें।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में रामगढ़–कैमूर को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता का केंद्र बनाने का संकल्प लिया। दही-चूड़ा समागम अब क्षेत्र में बदलाव की चेतना का प्रतीक बन चुका है।

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