समाहरणालय सिवान अवस्थित सभागार में हिन्दी दिवस समारोह सम्पन्न हुआ
हिंदी के उज्जवल भविष्य के लिए शोध की नितांत आवश्यकता है:-जिला पदाधिकारी
सिवान: दिनांक 14 सितम्बर 2025 को हिन्दी दिवस के अवसर पर सिवान जिला के सभागार में जिला पदाधिकारी सिवान डॉ आदित्य प्रकाश की अध्यक्षता में समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी सिवान एवं पुलिस अधीक्षक सिवान के साथ वरीयपदाधिकारी गणों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर जिले के वरीय अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी सिवान एवं पुलिस अधीक्षक सिवान एवं वरीय पदाधिकारी, कर्मीगण के सहित विद्वान वक्ताओं ने वर्तमान परिपेक्ष में हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी बातों को रखा।
हिंदी दिवस समारोह में वक्ताओं ने कहा कि 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को देश की राजभाषा के रूप में अंगीकृत किया था।
तभी से प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जिला पदाधिकारी ने हिंदी भाषा की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि सामान्य बोलचाल एवं कार्यालय कार्यों में इसके आधिकारिक उपयोग की आवश्यकता है ।
उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा मधुर सरस होने के साथ-साथ पूरे देश को एक सूत्र में बांधने हेतु एकमात्र विकल्प भी है।यह दिवस न केवल राजभाषा के रूप में हिन्दी की गौरवपूर्ण परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सरकारी कार्यों एवं आम जीवन में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प दिवस भी है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि हिंदी का भविष्य बेहद उज्जवल है हालांकि कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं मतलब हिंदी का रोजगारत्मक पहलू आदि हिंदी के उज्जवल भविष्य के लिए शोध की भी सिद्धांत आवश्यकता है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिवान मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि हिंदी का भविष्य बेहद उज्जवल है आवश्यकता है समर्पण एवं समन्वित और सकारात्मक प्रयासों की कार्यक्रम का संचालन सामान्य शाखा प्रभारी वरीय उपसमाहर्ता सुश्री शालू ने किया।
समारोह में हिन्दी के संवर्धन एवं शत-प्रतिशत प्रयोग को सुनिश्चित करने हेतु कई महत्वपूर्ण विचारणीय बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इनमें प्रमुख रूप से सभी प्रकार के मोहरों और सीलों पर हिन्दी उत्कीर्णन, सभी पदनाम पट्टिकाओं का हिन्दी में लेखन, सरकारी सेवकों द्वारा भ्रमण कार्यक्रमों की प्रस्तुति हिन्दी में, पुलिस केस डायरी एवं पत्राचार हिन्दी में, विज्ञापन एवं निविदा सूचना का प्रकाशन हिन्दी में, सभी प्रकार का पत्राचार, टिप्पण, चरित्री लेखन, नाम पट्ट एवं सूचना पट्ट का हिन्दी में लेखन, वाहनों पर हिन्दी नामपट्ट, प्रशासनिक अधिसूचनाएँ, आदेश, निदेश, कार्यवृत्त एवं प्रगति प्रतिवेदन का हिन्दी में प्रकाशन तथा न्यायालयों में वाद निष्पादन संबंधी आदेश हिन्दी में निर्गत करना शामिल है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राजभाषा हिन्दी के प्रयोग से प्रशासनिक कार्य सरल, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनते हैं।
साथ ही, हिन्दी से जुड़ी उत्कृष्ट टिप्पणियाँ और कार्य प्रारूप प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को राजभाषा विभाग की ओर से पुरस्कृत करने हेतु अनुशंसा भी की जाएगी।
समारोह का समापन हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं इसके निरंतर प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।




















