
चार दिवसीय छठ महापर्व के तिसरे दिन अस्तगामी भगवान सुर्य को किया गया अर्ध्य अर्पित
जमुई / सोनो संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट
चार दिनों तक चलने वाली नेम निष्ठा का छठ महापर्व के तिसरे दिन सोमवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर सुर्य को अर्ध्य अर्पित किया गया । समाज सेवियों ने छठ व्रतियों की सुविधा के लिए छठ घाटों की सफाई के साथ साथ बड़े ही सुसज्जित तरिके से छठ घाटों ओर राहों को सजाया गया ।
छठ घाटों पर व्रतियों ने निर्जला उपवास रखकर भगवान भास्कर सुर्य की अराधना कर अपने बाल बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा और धन वैभव की मिन्नतें मांगीं ।
बटिया बाजार के समिप बहने वाली कपाट नदी के छठ घाटों को समाज सेवी लल्लु प्रसाद बरनवाल के द्वारा बड़े ही सुसज्जित तरिके सजाया गया , जहां पर ना सिर्फ फुलझड़ी ओर लाइटिंग की व्यवस्था की गई बल्कि छठ व्रतियों के लिए एक दर्जन से अधिक वस्त्र चेंजिंग रूम बनाया गया ।
यह शिलशिला समाज सेवी लल्लु प्रसाद बरनवाल के द्वारा पिछले एक दशक पूर्व से लगातार जारी है । इसी प्रकार बेलाटांड़ गांव के समिप स्थित तालाब की सफाई ओर सजावट पेरा मटिहाना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अयोध्या मंडल के द्वारा किया गया ।
जबकि डुमरी गांव के समिप बहने वाला बरनार नदी एवं विभिन्न तालाबों के घाट की सफाई ओर सजावट लखन कियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दिगंबर पांडेय के द्वारा किया गया है । लोहा पंचायत स्थित विभिन्न तालाबों की सफाई कर छठ घाटों को सुसज्जित तरिके से लोहा पंचायत के मुखिया जमादार सिंह के द्वारा कराया गया है ।
इसी प्रकार सोनो बाजार से सटे बरनार नदी घाट को सुसज्जित तरिके से सजाया गया देखा गया है । इस छठ पूजा को लेकर कई छठ घाटों पर भगवान भास्कर सुर्य की प्रतिमा स्थापित की गई है ।
जिसे लेकर छठ घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई है । ज्ञात हो कि मंगलवार की सुबह उगते हुए भगवान भास्कर सुर्य को अर्ध्य अर्पित के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन किया जायेगा ।
जबकि इस महापर्व का शुभारंभ शनिवार को कद्दू भात के साथ प्रारंभ हुई थी एवं रविवार को दुध से बनी खीर का भोग लगाया गया एवं प्रसाद वितरण किया गया ।




















