[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

रेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडरडीएम सीतामढ़ी ने पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा, सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर जताई नाराजगीजनसमस्याओं के तत्वरित समाधान को लेकर जनता दरबार कार्यक्रम नए स्वरूप में आयोजितनरकटियागंज से पाटलिपुत्र के लिए प्रतिदिन 4 ट्रेनें जाती है और आती 3 है…..मैट्रिक, इंटर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दो जोड़ी मेमू ट्रेन का विभिन्न हॉल्ट पर एक मिनट का दिया गया ठहराव।बटिया पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चेकिंग के दौरान पिक अप वाहन जप्त, 486 लीटर विदेशी शराब बरामद, चालक गिरफ्तारबरन कन्या उत्थान न्यास समिति द्वारा गया में कार्यक्रम आयोजित कर छह बेटियों को दी गई आर्थिक सहयोग, बतौर मुख्य अतिथि ओंकारनाथ बरनवाल हुए शामिलविभिन्न मांगों को लेकर तीन दिनो से लगातार चकाई में अनसन पर बैठे अनसन कारियों को पुर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने तुड़वाया अनसनएसपी स्वर्ण प्रभात ने दो दारोगा को किया सस्पेंड- कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप
गोपालगंजटॉप न्यूज़बिहारराज्य

गोपालगंज में ढोल नगाड़े के साथ हुआ विश्व के सबसे बड़ा शिवलिंग का अभिनंदन

गोपालगंज में ढोल नगाड़े के साथ हुआ विश्व के सबसे बड़ा शिवलिंग का अभिनंदन

गोपालगंज/पूर्वी चंपारण। आस्था का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला जब तमिलनाडु के महाबलीपुरम से निर्मित विश्व का सबसे बड़ा मोनोलिथिक शिवलिंग बिहार की सीमा में प्रवेश कर गया।

यूपी-बिहार बॉर्डर पर गोपालगंज में श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ इसका भव्य अभिनंदन किया। पूरा इलाका शिवमय हो उठा।

यह विशाल शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट से एक ही पत्थर को तराशकर बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है। निर्माण में कारीगरों को दस वर्ष लगे और लागत करीब तीन करोड़ रुपये आई।

इसे विशेष 96 चक्कों वाले हाइड्रोलिक ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से लाया जा रहा है। नवंबर 2025 में तमिलनाडु से रवाना हुआ यह शिवलिंग अब पूर्वी चंपारण के चकिया-केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, फरवरी 2026 तक प्राण-प्रतिष्ठा हो सकती है। यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह दर्शन और पूजन किया। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस शिवलिंग की स्थापना से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।

Check Also
Close