[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

घोड़ासहन में आपसी विवाद के बाद दो युवकों को चाकू मारा, मोतिहारी रेफरअरवल: कुआं खार में डूब कर अधेड़ व्यक्ति की मौत शव बरामददुष्कर्म कांड का मुख्य फरार आरोपी थाना परिसर में किया आत्मसमर्पणकुंडवा चैनपुर पुलिस की अनूठी पहल, 70 बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयासअशोक धम्म विजयदशमी पर समस्तीपुर में भव्य समारोह: बिहार अंडर-19 कप्तान पुष्पम राज सहित राज्य चैंपियन सम्मानितअरवल पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस पर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलिहसनपुर मेला से दो संदिग्ध व्यक्ति अभिरक्षा में लिए गएकुंडवा चैनपुर पुलिस की कार्रवाई, 75.95 लीटर शराब के साथ कारोबारी गिरफ्तारमेला ड्यूटी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को लिया अभिरक्षा में, BNSS की धारा 128 के तहत कार्रवाईबिहार में ड्रग्स तस्करी पर कठोर कार्रवाई करे सरकार: आनंद कुमार चंद्रवंशी
बिहारराज्यसमस्तीपुर

दवा खाते ही बेसुध हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा

दवा खाते ही बेसुध हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा

राम कुमार ब्यूरो प्रमुख समस्तीपुर 

समस्तीपुर । जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में गुरुवार को सरकारी अभियान के तहत दवा खाने के बाद तीसरी कक्षा की एक छात्रा अचानक बेसुध हो गई। इस घटना से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन की मुस्तैदी के कारण छात्रा को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उपचार के बाद उसकी स्थिति अब सामान्य और खतरे से बाहर बताई गई है।

दवा खाने के कुछ देर बाद हुई अचेत

जानकारी के अनुसार, सरकारी निर्देशानुसार विद्यालय में बच्चों को एल्बेंडाजोल एवं डीईसी की टेबलेट खिलाई जा रही थी। दवा सेवन के कुछ ही समय बाद गांव के बबलू दास की पुत्री और कक्षा तीन की छात्रा आंचल कुमारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रा की बिगड़ती हालत देख शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन उन्होंने बिना समय गंवाए उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर में भर्ती कराया।

चिकित्सकों ने दो घंटे रखा निगरानी में

अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सरफराज आलम एवं डॉ. तुषांत ने छात्रा का त्वरित उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि छात्रा को प्राथमिक उपचार के साथ ओआरएस का घोल दिया गया। करीब दो घंटे तक उसे सघन निगरानी में रखा गया।

उपचार के बाद छात्रा की स्थिति पूरी तरह स्थिर हो गई और उसे होश आ गया।

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल छात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की कोई बात नहीं है।

परिजनों में चिंता, बच्चों में दहशत

जैसे ही घटना की सूचना मिली, छात्रा के परिजन बदहवास होकर अस्पताल पहुंचे। इधर, विद्यालय में इस घटना के बाद अन्य बच्चों और अभिभावकों में दहशत फैल गई। डर के मारे कई बच्चों ने दवा खाने से इनकार कर दिया। स्कूल के शिक्षक संजय कुमार सिंह सहित अन्य कर्मियों ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा का हालचाल जाना और परिजनों को ढांढस बंधाया।

चिकित्सकों की सलाह

दवा खाने के बाद कभी-कभी बच्चों में घबराहट या मामूली प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

Check Also
Close