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भ्रष्टाचार पर जिला पदाधिकारी नवीन का बड़ा एक्शन, अवैध वसूली को लेकर वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान 

भ्रष्टाचार पर जिला पदाधिकारी नवीन का बड़ा एक्शन, अवैध वसूली को लेकर वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान

जमुई जिला ब्यूरो डॉ. बीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

जमुई सदर अस्पताल के आरोपी फार्मासिस्ट की सेवा समाप्त और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश।

घूसखोरों में दहशत का माहौल।

फर्मशिष्ट, दयानन्द प्रसाद पर गिरी गाज।

नौकरी से बरखास्त,FIR भी दर्ज करने का आदेश।

स्पष्टीकरण का नहीं दे पाए सही जवाब, तब हुई कार्यवाही का आदेश।

नजराने लेने वाले कर्मचारी हो जाएं साब, नहीं तो अगला नम्बर आपका भी सकता है?

खबर विस्तार से आगे पढ़िए….

जमुई। जिले में पारदर्शी, संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए जिला पदाधिकारी DM नवीन (भा.प्र.से.) ने सदर अस्पताल के संविदा फार्मासिस्ट दयानंद प्रसाद पर अवैध लेन-देन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

जिला पदाधिकारी ने आरोपी फार्मासिस्ट की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू करने का आदेश सिविल सर्जन को दिया है।

विदित हो कि विगत दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें फार्मासिस्ट दयानंद प्रसाद को अनैतिक रूप से पैसे का लेन-देन करते हुए देखा गया था। इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने त्वरित जांच के आदेश दिए थे।

प्रारंभिक तौर पर सिविल सर्जन द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण में संबंधित कर्मी का पक्ष संतोषजनक और तर्कसंगत नहीं पाया गया, जिसके उपरांत जिला पदाधिकारी ने तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया।

जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में संबंधित फार्मासिस्ट को भ्रष्टाचार और सरकारी पद के दुरुपयोग का स्पष्ट रूप से दोषी पाया। जांचोपरांत संयुक्त जांच प्रतिवेदन समर्पित करते हुए आरोपी दयानंद प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और संविदा समाप्त करने की अनुशंसा की गई।

जांच प्रतिवेदन के मन्तव्यों के आधार पर जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को आरोपी दयानंद प्रसाद के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी संविदा सेवा को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का अंतिम आदेश दिया।

इस कार्रवाई के माध्यम से जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर अक्षम्य होगा और जिला प्रशासन इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत निरंतर कार्य कर रहा है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से जहां भ्रष्ट एवं सरकारी कार्यों में बाधक तत्वों में हड़कंप है, वहीं आम जनमानस ने जिला प्रशासन की इस पारदर्शिता और सुचिता की सराहना की है।

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