
बिजली विभाग की घोर लापरवाही की वजह से जिला प्रशासन अरवल सवालों के घेरे में….
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
बिजली के तारों को जर्जर हालात को देखते हुए विभाग को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई एवं तार बदलने के लिए आग्रह भी किया गया लेकिन समय रहते कोई काम नहीं हुआ।
दरअसल मामला करपी प्रखंड के दोर्रा पंचायत अन्तर्गत बस्ती बिगहा गांव का है जहां कई वर्षों से बिजली के तार से चिंगारी उत्पन्न होते रहता है और कई जगहों पर तार का जलना एवं टुटना देखा गया है। यह समस्या गंभीर होते जा रहा है।

बस्ती बिगहा निवासी सूरज कुमार ने बताया कि उसने कार्यपालक अभियंता, विधुत विभाग अरवल एवं जिला पदाधिकारी अरवल के कार्यालय में दिनांक 23 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि करपी प्रखंड के दोर्रा पंचायत अन्तर्गत बस्ती बिगहा गांव में बिजली के तारों की समस्या काफी गंभीर है।
जर्जर झूलते बिजली के तारों की कंपन ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है काफी पुराना होने के कारण बिजली के तारों में लोड उठाने की क्षमता कम हो गई है। जिस कारण गांव में बिजली के तार अक्सर टूटकर गिरते रहता है एवं आग की चिंगारी कई जगह उत्पन्न होते रहता है।
जिस कारण गांव में बड़े हादसा होने एवं जान-माल की क्षति होने की संभावना अक्सर बनी रहती है। एक माह बीत जाने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तब 30 मार्च 2026 को कार्यपालक अभियंता, विधुत विभाग अरवल से मुलाकात किया, मुलाकात के दौरान कार्यपालक अभियंता के द्वारा आश्वासन दिया गया कि जल्द समाधान हो जाएगा।
बावजूद नहीं हुआ तब 06 अप्रैल 2026 को जिला पदाधिकारी अरवल को पुनः जनता दरबार में इस समस्या की जानकारी दिया तब महोदया के द्वारा कहा गया कि बिजली विभाग को बोला गया है पुनः पत्र भेज देते हैं।
बीच-बीच में ग्रामीणों के द्वारा फोन भी किया गया लेकिन मिला सिर्फ और सिर्फ आश्वासन। 16 अप्रैल को कुछ खंभे पर तार बदला गया लेकिन अगले ही दिन काम बंद हो गया जब 22 अप्रैल 2026 को कार्यपालक अभियंता एवं एसडीओ से अन्य ग्रामीणों के साथ मिलने के लिए विधुत विभाग के कार्यालय अरवल पहुंचा तो दोनों पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थिति थे।
इसलिए मुलाकात नहीं हो पाया। लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि बीच में कुर्था विधानसभा के माननीय विधायक जी का फोन आ गया था कि करपी बाजार में जल्दी कीजिए इसलिए बस्ती बिगहा का काम रोक दिया गया। और कल से काम होगा लेकिन ग्रामीणों ने भरोसा नहीं जताया इसका कारण लगातार सिर्फ आश्वासन मिलना।

इसी दौरान कार्यपालक विधुत अभियंता से फोन के माध्यम से बात हुई बात-चीत के दौरान उन्होंने पुनः आश्वासन ही दिया। विभाग की लापरवाही की वजह से आम जनता परेशानी का सामना कर रहे हैं और विभाग सोई हुई है।
सवाल सोई हुई सिस्टम से क्या कोई बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर ही है विभाग? दो महीने तक सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिला, जमीन पर कोई काम नहीं।




















