
अरवल डीएम अमृषा बैंस ने समेकित बाल विकास सेवा अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
जिला पदाधिकारी अरवल, श्रीमती अमृषा बैंस की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा सभी महिला पर्यवेक्षिकाएँ अपने-अपने परियोजना कार्यालय से जुड़ी रहीं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन की समीक्षा करना था। समीक्षा के दौरान बच्चों एवं लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता एवं वितरण की स्थिति, आभा आईडी एवं अपार आईडी निर्माण की प्रगति, बच्चों के ग्रोथ मॉनिटरिंग, होम विजिट की स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की अद्यतन प्रगति तथा आंगन ऐप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
जिला पदाधिकारी द्वारा बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि टेक होम राशन (टीएचआर) का वितरण शत-प्रतिशत फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे एवं वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।
समीक्षा बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित एवं प्रतिदिन निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समयानुसार प्रतिदिन खुलें एवं बंद हों तथा केंद्रों का संचालन पूर्ण अनुशासन एवं जवाबदेही के साथ किया जाए।
यदि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में समयपालन, उपस्थिति, पोषण वितरण, शिक्षण गतिविधियों अथवा अन्य किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित सेविका एवं सहायिका के विरुद्ध त्वरित एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ पौष्टिक एवं संतुलित आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु ग्रोथ मॉनिटरिंग एवं होम विजिट कार्यों को गंभीरता से संचालित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। यदि निरीक्षण कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा दायित्व निर्वहन में कमी पाई जाती है, तो संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें, ताकि जिले के बच्चों एवं माताओं को योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो सके।




















