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अरवलबिहारराज्य

उत्पाद विभाग की हाजत में युवक की मौत पर गरमाई सियासत, अरवल विकास मंच ने 20 जुलाई को बुलाई बुद्धिजीवियों की बैठक

उत्पाद विभाग की हाजत में युवक की मौत पर गरमाई सियासत, अरवल विकास मंच ने 20 जुलाई को बुलाई बुद्धिजीवियों की बैठक

अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट 

अरवल: अरवल में उत्पाद विभाग की हाजत में हुई एक युवक की मौत को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर वाचनालय में अरवल विकास मंच की बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव ने कहा कि उत्पाद विभाग की हाजत में कथित पिटाई से हुई अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो की मौत सहित अन्य जनसरोकार के मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद फिलहाल उचित कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही घोषणा की गई कि 20 जुलाई 2026 को इस मामले को लेकर अरवल के बुद्धिजीवियों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मृतक अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो, अरवल के हैबतपुर गांव के निवासी थे। बताया गया कि वे अपने गांव के चंद्र विलास महतो और राधा कृष्ण चंद्रवंशी के साथ वलिदाद लॉक के पास ताड़ी पीने गए थे। इसी दौरान आबकारी विभाग और पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हाजत में बंद कर दिया।

अरवल विकास मंच का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद हाजत में अनिल सिंह की बेरहमी से पिटाई की गई। आरोप के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने और सीने में दर्द की शिकायत के बावजूद उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया। मंच का दावा है कि मृतक के शरीर पर चोट के कई निशान तथा आंख के पास कटने के घाव मौजूद थे।

बैठक में वक्ताओं ने घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और बिहार सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है।

बैठक में अरवल विकास मंच के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

नोट: उपरोक्त आरोप अरवल विकास मंच की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। घटना की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक पक्ष आना अभी शेष है।

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