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जमुई जिला पदाधिकारी नवीन की अगुआई में हुए भव्य कार्यक्रम

जमुई जिला पदाधिकारी नवीन की अगुआई में हुए भव्य कार्यक्रम

जिले की प्रथम (संभवतः) महिला DPRO, डॉ मेनका कुमारी भी रहीं उपस्थित।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘नारी शक्ति के स्वावलंबन और सामर्थ्य’ का उत्सव, जीविका दीदियां सम्मानित।

जमुई जिला ब्यूरो बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

जमुई: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में नारी शक्ति के स्वावलंबन और सामर्थ्य का अनूठा उत्सव मनाया गया।

जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा . प्र. से.) की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में न केवल जीविका दीदियों के अदम्य साहस को सम्मानित किया गया, बल्कि ‘विकसित जमुई’ की परिकल्पना में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर भी विशेष बल दिया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री नवीन कुमार ने अत्यंत सारगर्भित और प्रेरणादायक लहजे में कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा सदैव लैंगिक समानता और नारी के प्रति अगाध सम्मान में निहित रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि हमारे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दर्शन में ईश्वर की पूर्णता की कल्पना भी महिला की पूरकता के बिना संभव नहीं है।

जिला पदाधिकारी ने केंद्र और राज्य सरकार की सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को सशक्तिकरण का मुख्य आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि इन नीतियों ने महिलाओं को न केवल सुरक्षा का कवच प्रदान किया है, बल्कि उन्हें अनंत संभावनाओं के द्वार खोलकर खुद को साबित करने का ऐतिहासिक मंच दिया है।

उन्होंने गौरव के साथ कहा कि आज महिलाएं जल, थल और नभ—तीनों ही क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर विकास की एक ऐसी नई इबारत लिख रही हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज बनेगी। अपने संबोधन में उन्होंने एक गंभीर और संवेदनात्मक संदेश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि यह दिवस उत्सव मनाने के साथ-साथ आत्मचिंतन करने का भी अवसर है।

उन्होंने आह्वान किया कि आज भी जो महिलाएं हाशिए पर हैं, उन्हें मुख्य धारा में लाना हमारा सामूहिक और नैतिक कर्तव्य है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सेवा और अवसर की समानता को वास्तविक धरातल पर उतारना ही प्रशासन का प्राथमिक ध्येय है।

इसी क्रम में कार्यपालक अभियंता श्री गौतम कुमार ने एक अत्यंत मौलिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि समाज में पुरुषों की कार्यक्षमता को निरंतरता और स्थिरता महिलाओं के सहयोग और संबल से ही प्राप्त होती है। नारी की उपस्थिति के बिना किसी भी कार्यक्षेत्र में प्रगति का पहिया अबाध गति से नहीं चल सकता।

इस समारोह के दौरान उन जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी जिजीविषा से समाज में परिवर्तन की नई पटकथा लिखी है। बेबी कुमारी, सुमन कुमारी, पिंकी कुमारी, सुकांती कुमारी और दिव्यांग बबिता देवी जैसी जांबाज महिलाओं की सफलता की कहानियों ने यह प्रमाणित कर दिया कि जब प्रशासनिक संबल और व्यक्तिगत इच्छाशक्ति का मिलन होता है, तो हर चुनौती एक सार्थक परिणाम में बदल जाती है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी ने महिलाओं को शक्ति और आत्मविश्वास का जीवंत स्वरूप बताते हुए उनके साहस को नमन किया।

कार्यक्रम के अंत में डीपीएम जीविका संजय कुमार सहित समस्त जिला स्तरीय पदाधिकारियों और सैकड़ों जीविका दीदियों ने एक स्वर में सामूहिक शपथ ली, जो जमुई के स्वर्णिम भविष्य में नारी शक्ति की भागीदारी का एक सशक्त उद्घोष बनकर गूंजा।

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