[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

ट्रक की ठोकर से बुजुर्ग महिला की मौत, थानाध्यक्ष का मानवीय चेहरा आया सामनेअरवल डीएम अमृषा बैंस ने की सदर अस्पताल का औपचक निरीक्षण24 घंटे के भीतर आपदा राहत: 4 मृतकों के परिजनों को मिली सहायता राशिचंदौली के चर्चित डांसिंग सुपरकॉप नितेश सिंह यादव अब विवादों में आ गए हैअनियंत्रित कंटेनर ने बस और पिकअप में मारी टक्कर पांच लोगों की हुई मौतNEET UG परीक्षा 2026 मोतिहारी में शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त वातावरण में हुई संपन्ननिशांत कुमार की यात्रा आज होगी शुरू, दोपहर 3 बजे पहुंचेंगे पूर्वी चंपारणचंदौली में प्रेम-प्रसंग का खौफनाक अंजाम, प्रेमिका की शादी तय होने से नाराज युवक ने प्रेमिका के सामने तानी गोली पिस्टल,पूर्वी चम्पारण के लिए गौरव का क्षण— भारतीय निर्वाचन आयोग के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में 1 सदस्य के रूप में जिले के मास्टर ट्रेनर मुकेश कुमार भी ब्राजील के अंतर्राष्ट्रीय दौरे में शामिल होंगे।हर घर से निकलेगा अफसर: पूर्वी चंपारण में शिक्षा की नई क्रांति का आगाज
बिहारराज्यरोहतास

महिलाएं हमारे देश की पहचान है: श्री जीयर स्वामी जी महाराज

महिलाएं हमारे देश की पहचान है: श्री जीयर स्वामी जी महाराज

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ( रोहतास) : परमानपुर चातुर्मास्य व्रत स्थल पर भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्‍न जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रवचन करते हुए महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। स्वामी जी ने कहा कि महिलाएं भारत की पहचान है।

राष्ट्र की उन्नति, विकास, प्रगति में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है। महिलाएं केवल आज ही पढ़ी-लिखी नहीं होती है, बल्कि महिलाएं पहले भी ज्ञानी, शिक्षित, प्रभावी, गुणवान एवं तपस्वी भी होती थी।

उन्होंने कहा कि सती अनसूईया, सबरी, कुंती इत्यादि नारियों के तपस्या, साधना, ज्ञान को आज भी याद किया जाता है।

भारत के आजादी के लिए लड़ने वाली हमारे देश की नारियां केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि शक्तिशाली भी थी। 15 अगस्त आने वाला है। उस दिन हम लोग अपने देश के उन वीर नारियों को भी याद करते हैं।

स्वामी जी ने कहा कि हमेशा हम माता की प्रशंसा करते हैं। क्योंकि माताएं प्रशंसनीय हैं। हम जैसे लोगों को जन्म देने वाली है।

इसीलिए उस जगत जननी की प्रशंसा केवल हम ही नहीं करते हैं, बल्कि सभी लोग करते हैं। जो जगत संसार को आगे बढ़ाने वाली माताएं है, उन माताओं के ज्ञान, परिश्रम, शक्ति, साहस, प्यार, तपस्या प्रशंसनीय है।

आज हर दिन शिवजी के मंदिर में काली जी के मंदिर में या अन्य सभी देवी देवताओं के मंदिर में नित्य पूजा करने वाली हमारी माताएं हैं।

जिनके कारण सभी देवी देवता भी प्रसन्न होते हैं। वैसी हमारी माताएं संस्कृति, समाज को नई दिशा देने का भी काम करती है। इसीलिए माताएं वंदनीय भी हैं।

Check Also
Close