
तीन पंचायत सचिवों एवं तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन, सीतामढ़ी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। विभिन्न पंचायतों में 15वीं वित्त आयोग, छठा राज्य वित्त आयोग एवं अन्य योजनाओं से संबंधित सरकारी राशि के गबन के आरोपों की जांचोपरांत संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
1. श्री वेद प्रकाश राय, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत बेतहा, प्रखंड परिहार द्वारा 15वीं वित्त आयोग मद से सरकारी पोखर उड़ाही कार्य में अनियमितता एवं राशि गबन के आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए हैं।
2. श्री हंसलाल कुमार, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत सुतिहारा, प्रखंड परिहार द्वारा छठा राज्य वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत सरकारी पोखर घाट निर्माण योजना का क्रियान्वयन नहीं कर प्राक्कलित राशि के गबन का मामला जांच में सही पाया गया है।
3. श्री मनोज कुमार, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत भेरडहिया एवं बथुआरा, प्रखंड परिहार द्वारा 15वीं वित्त आयोग मद से भगवतीपुर से साकिर के खेत तक नाला उड़ाही कार्य में सरकारी राशि के दुरुपयोग एवं गबन की पुष्टि हुई है।
उक्त सभी पंचायत सचिवों के विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत “प्रपत्र–क” गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर कार्रवाई
श्री ज्ञानेंद्र कुमार झा, तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, परिहार की विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं एवं सरकारी राशि के गबन में संलिप्तता जांच में प्रमाणित पाई गई है। फलस्वरूप उनके विरुद्ध भी “प्रपत्र–क” गठित कर विभाग को अग्रसारित कर दिया गया है, जहां उनके विरुद्ध विधिसम्मत विभागीय प्रोसिडिंग संचालित की जाएगी।
प्रशासनिक दायित्व में शिथिलता पर कार्रवाई
कार्य में शिथिलता एवं पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, सुरसंड को अतिरिक्त प्रभार से विमुक्त करते हुए उक्त प्रभार श्री चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, डुमरा को सौंपा गया है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में गबन, लापरवाही एवं अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास योजनाओं की राशि जनहित के लिए है तथा इसके दुरुपयोग पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




















