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सिमुलतला में मनाई गई प्रेमचंद जयंती, साहित्यिक संगोष्ठी में रेलकर्मियों ने साझा किए विचार

सिमुलतला में मनाई गई प्रेमचंद जयंती, साहित्यिक संगोष्ठी में रेलकर्मियों ने साझा किए विचार

स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, प्रेमचंद की रचनाओं और साहित्यिक योगदान पर हुई चर्चा

जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

सिमुलतला। राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आयोजित प्रेमचंद जयंती समारोह की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सिमुलतला के रेलकर्मी भी कार्यक्रम से जुड़े। स्टेशन प्रबंधक श्री अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित रेलकर्मियों ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद के विराट साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रेमचंद के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने समय और समाज को जिस गहराई से समझा, उसी गंभीरता एवं शालीनता के साथ उसे अपनी कहानियों और उपन्यासों में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

स्टेशन मास्टर सिमुलतला श्री सौरभ कुमार ने कहा कि प्रेमचंद ने अत्यंत रोचक एवं प्रेरक कहानियों का सृजन किया, जो भारतीय साहित्य में अद्वितीय स्थान रखती हैं।

वहीं संतोष कुमार यादव ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने कथा साहित्य में समाज के विभिन्न आयु वर्ग और वर्गों के पात्रों को जीवंतता के साथ प्रस्तुत कर उन्हें अमर कर दिया।

संगोष्ठी में श्रीमती सुमन कुमारी, श्रीमती आरती देवी, जितेंद्र कुमार मंडल, संजय कुमार, मुकेश कुमार, राहुल कुमार एवं बलराम सिंह सहित अन्य रेलकर्मियों ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में सिमुलतला के रेलकर्मियों ने इस तरह की साहित्यिक एवं रचनात्मक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में इसे और व्यापक स्वरूप देने का अनुरोध किया।

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