[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

घोड़ासहन के झरोखर थाना क्षेत्र के बंद घर में लगी भीषण आग, ग्रामीणों ने ताला तोड़कर बचाया मकान, बड़ा हादसा टलामोतिहारी: 99 लीटर नेपाली शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, 330 बोतल शराब व दो बाइक जब्तमनरेगा में कथित भ्रष्टाचार उजागर करना पड़ा महंगा! पत्रकार चन्द्रशेखर आजाद गिरफ्तार, झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोपनेपाल में भीषण सड़क हादसा: 100 फीट गहरी खाई में बस गिरने से 20 लोगों की दर्दनाक मौतऔरंगाबाद: मासूम की निर्मम हत्या पर पीड़ित परिवार से मिले जदयू नेता, स्पीडी ट्रायल और कड़ी सजा की उठाई मांगबिहार पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल, घायल बुजुर्ग महिला का कराया इलाजविधायक ने किया डीलिया प्राथमिक विद्यालय के मिट्टीकरण कार्य का निरीक्षणबड़ी वारदात की फिराक में जुटे अपराधियों पर पुलिस की छापेमारी, लोडेड देशी पिस्टल के साथ एक गिरफ्तारबेल के नाम पर पैसे वसूली का मामला: महिला थानाध्यक्ष निलंबित, चालक गृहरक्षक भी ड्यूटी से हटाया गयाहत्या से पहले बेरहमी से पिटाई? शरीर पर घाव दे रहे है गवाही !
Crime NewsViral Videoउत्‍तर प्रदेशटॉप न्यूज़देशभाषाराज्य

हत्या से पहले बेरहमी से पिटाई? शरीर पर घाव दे रहे है गवाही !

लगभग डेढ़ महीना के अंदर ही शादीशुदा लड़की की मौत से सनसनी

चंदौली / शहाबगंज थाना से इस वक्त की बड़ी खबर बता दें कि। घटना दिनांक 30/6/2026 को पीड़ित परिवार ने अपनी पुत्री संजना कुमारी कि शादी 7/05/2026 को अजीत कुमार पुत्र स्वर्गीय केशव यादव ग्राम व पोस्ट – भोड़सर – थाना शहाबगंज जनपद चंदौली में की थी पीड़ित परिवार का कहना है कि दहेज के लिए प्रतिदिन ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहें थे आए दिन मारपीट कर रहे थे गला दबोच रहे थे घटना दिनांक 30/6/2026 आखिरी दिन जान से ससुराल वाले मार ही दिए मीडिया से पूछताछ में यह मामला प्रकाश में आया और बताते चलें कि शादी के डेढ़ महीने के भीतर संदिग्ध मौत और शरीर पर कई चोटों के निशान होने के बावजूद, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केवल एक दो जगह घाव दिखना एक बड़ा विरोधाभास है। पोस्टमार्टम के समय डॉक्टर शव के हर हिस्से की वीडियोग्राफी या तस्वीरें लेते हैं। इस फोटो में आप देख सकते हैं हाथ-पांव में पहले से ही चोटें दिखती हैं, तो यह साबित करने के लिए पर्याप्त होगा कि लड़की की हत्या से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी कानूनी जानकारों और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के फैसलों के अनुसार, केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही अंतिम सत्य नहीं होती है। यदि परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence), गवाह और शरीर की चोटें आपस में मेल खाती हैं, तो अदालतें आरोपियों को दोषी ठहरा सकती हैं

 

Check Also
Close